UP Nishulk Boring Yojana 2025 (यूपी निशुल्क बोरिंग योजना) Apply Online: किसानों के लिए पानी खेती के लिए बहुत ज़रूरी होता है। बारिश की कमी के कारण, फसल की सिंचाई हेतु बोरिंग की आवश्यकता बढ़ गई है। लेकिन कुछ किसान इतने कमजोर और गरीब होते हैं कि वे बोरिंग करवाने के लिए पर्याप्त धन जुटा नहीं पाते। ऐसे में उनकी फसल बर्बाद होने के साथ-साथ आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो जाता है।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा UP Nishulk Boring Yojana 2025 की शुरुआत की गई है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, इसके लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी। अतः आप इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें।
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यूपी निशुल्क बोरिंग योजना का शुभारंभ
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की सिंचाई की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए UP Nishulk Boring Yojana की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य उन किसानों को निशुल्क बोरिंग की सुविधा प्रदान करना है, जिनके पास अपनी फसल की सिंचाई हेतु पर्याप्त वित्तीय साधन नहीं हैं। इससे न केवल किसानों की फसल सिंचाई सुनिश्चित होगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

UP Nishulk Boring Yojana 2025
पहले वर्ष में इस योजना के तहत सीमित अनुदान प्रदान किया जाता था, परंतु अब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान राशि में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इस योजना का लाभ सामान्य, सीमांत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को दिया जा रहा है, और साथ ही गहरी बोरिंग हेतु भी अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध कराई गई है।
यदि किसान के पास न्यूनतम जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर है, तो वे व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकते हैं, या यदि जमीन कम है तो समूह द्वारा आवेदन किया जा सकता है। इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक बोरिंग करवाने में आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होगी।
हाल ही में प्राप्त नवीनतम जानकारी के अनुसार, 2024-25 वित्तीय वर्ष में अनुदान राशि में निम्नलिखित संशोधन किए गए हैं:
- सामान्य श्रेणी के किसानों को बोरिंग निर्माण हेतु अधिकतम रु11,000 तक का अनुदान मिलेगा।
- सीमांत किसानों को रु15,000 तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थी किसानों को रु18,000 तक का अनुदान मिलेगा।
- गहरी बोरिंग कराने पर पहले रु75,000 के अनुदान की तुलना में अब रु175,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई गई है।

योजना का उद्देश्य
UP Nishulk Boring Yojana का मुख्य उद्देश्य है कि प्रदेश के गरीब किसानों को निशुल्क बोरिंग की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि वे अपनी फसल की सिंचाई कर सकें और कृषि में नवीन तकनीक एवं प्रबंधन के द्वारा उत्पादन बढ़ा सकें। इससे न केवल कृषि में सुधार आएगा बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
UP Nishulk Boring Yojana 2025 के प्रमुख बिंदु
| 🔥 योजना का नाम | 🔥 UP निःशुल्क बोरिंग योजना |
| 🔥 किसने आरंभ की | 🔥 उत्तर प्रदेश सरकार |
| 🔥 लाभार्थी | 🔥 उत्तर प्रदेश के किसान (सामान्य, सीमांत, अनुसूचित जाति/जनजाति) |
| 🔥 उद्देश्य | 🔥 निशुल्क बोरिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना एवं कृषि सिंचाई में सुधार |
| 🔥 आधिकारिक वेबसाइट | 🔥 minorirrigationup.gov.in |
| 🔥 साल | 🔥 2025 |
| 🔥 राज्य | 🔥 उत्तर प्रदेश |
| 🔥 आवेदन का प्रकार | 🔥 ऑनलाइन/ऑफलाइन |
यूपी निशुल्क बोरिंग योजना का लाभ और इसकी विशेषताएं
- 2024-25 वित्तीय वर्ष में सामान्य श्रेणी के किसानों को बोरिंग निर्माण हेतु रु11,000 तक का अनुदान मिलेगा।
- सीमांत किसानों को रु15,000 तक और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को रु18,000 तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- गहरी बोरिंग हेतु अनुदान राशि पहले के रु75,000 से बढ़ाकर रु175,000 कर दी गई है, जिससे उन क्षेत्रों में जहाँ पानी का स्तर कम है, अधिक सहायता मिलेगी।
- किसान, जिनके पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूमि है, व्यक्तिगत रूप से या समूह में आवेदन कर सकते हैं।
- इस योजना से न केवल सिंचाई में सहूलियत होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

UP Nishulk Boring Yojana 2025 के अंतर्गत अनुमन्य अनुदान
| कृषक की श्रेणी | 🔥 बोरिंग निर्माण हेतु अनुदान | 🔥 पंपसेट स्थापना हेतु अनुदान |
| 🔥 सामान्य श्रेणी के लघु कृषक | 🔥 अधिकतम रु11,000 प्रति बोरिंग | 🔥 यूनिट कास्ट रु11300 का 25% अधिकतम रु2800 प्रति पंप सेट |
| 🔥 सामान्य श्रेणी के सीमांत कृषक | 🔥 अधिकतम रु15,000 प्रति बोरिंग | 🔥 यूनिट कास्ट रु11300 का 33% अधिकतम रु3750 प्रति पंप सेट |
| 🔥 अनुसूचित जाति/जनजाति के लघु/सीमांत कृषक | 🔥 अधिकतम रु18,000 प्रति बोरिंग | 🔥 यूनिट कास्ट रु11300 का 50% अधिकतम रु5650 प्रति पंप सेट |
| नोट: गहरी बोरिंग हेतु अनुदान राशि पहले रु75,000 से बढ़ाकर अब रु175,000 कर दी गई है। | ||
अपनी बोरिंग योजना के अंतर्गत लक्ष्य का निर्धारण
- प्रत्येक वर्ष जनपद वार लक्ष्य, उपलब्ध धनराशि के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
- ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
- चयनित लाभार्थियों की सूची विकास अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी।
लाभार्थियों का चयन
- योजना का लाभ केवल उन किसानों को दिया जाएगा जो किसी अन्य सिंचाई योजना का लाभ नहीं उठा चुके हैं।
- आवेदन करते समय किसान के दस्तावेजों और प्रमाणिकता की जांच की जाएगी।
- ग्राम पंचायत द्वारा अंतिम चयन की प्रक्रिया में सभी लाभार्थी शामिल किए जाएंगे।
प्राथमिकता के आधार पर बोरिंग का कार्य आरंभ किया जाएगा
- हाइड्रोजियोलॉजिकल परिस्थितियों के अनुसार एमएस पाइप या पीवीसी पाइप का उपयोग किया जाएगा।
- पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
- एक समिति के द्वारा अनुदान स्वीकृति एवं कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
योजना का क्रियान्वयन
UP Nishulk Boring Yojana 2025 के अंतर्गत, जिला अधिकारी के अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य नामित अधिकारी शामिल होंगे। इस समिति द्वारा अनुदान की स्वीकृति, सामग्री की दरें और कार्य की निगरानी की जाएगी। बोरिंग कार्य पूरा होने के पश्चात, सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी।
पंपसेट स्थापना एवं अनुदान स्वीकृति
- किसानों के लिए पंपसेट स्थापना हेतु भी बैंक से ऋण की व्यवस्था उपलब्ध है।
- अनुदान स्वीकृति के पश्चात, बैंक द्वारा निर्धारित फॉर्म पर मासिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
- अगली किस्त तभी जारी की जाएगी जब पिछले अग्रिम अनुदान का समायोजन किया जाएगा।
- पंपसेट स्थापना से संबंधित जानकारी पंचायत ग्राम विकास अधिकारी को समय पर प्रदान करनी होगी।
गुणवत्ता नियंत्रण एवं भौतिक सत्यापन
- कार्य की समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य पूरे किए जाएंगे।
- सत्यापन एवं निरीक्षण के कार्य विभिन्न स्तरों पर नियमित अंतराल पर किए जाएंगे।
- सत्यापन रिपोर्ट मुख्यालय को प्रस्तुत की जाएगी और ग्राम पंचायत एवं जल संसाधन समिति द्वारा भी जांचा जाएगा।
योजना के सामान्य निर्देश
- खंड विकास अधिकारी तथा लाभार्थी किसान को मॉडल प्रकाशन की प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
- UP Nishulk Boring Yojana 2025 से संबंधित सभी जानकारी लघु सिंचाई विभाग द्वारा ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत में प्रदर्शित की जाएगी।
- बोरिंग कार्य आरंभ होते ही किसान ग्राम प्रधान जल संसाधन समिति के अध्यक्ष को सूचित करेंगे।
- कार्य आरंभ की तिथि पर एक लघु कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी लाभार्थी एवं ग्राम निवासी शामिल होंगे।
- जिला स्तर पर पंप स्थापना एवं लोन स्वीकृति की प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जाएगी।
UP Nishulk Boring Yojana 2025 की पात्रता
- आवेदक उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी होने चाहिए।
- आवेदक किसान होने चाहिए तथा उनके पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए।
- यदि किसान के पास 0.2 हेक्टेयर से कम भूमि है, तो वे समूह बनाकर आवेदन कर सकते हैं।
- योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होंने किसी अन्य सिंचाई योजना का लाभ नहीं लिया हो।
महत्वपूर्ण दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आयु का प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
UP Nishulk Boring Yojana 2025 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया?
- सबसे पहले, आपको लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
- होमपेज खुलने पर, “योजनाएँ” विकल्प पर क्लिक करें|
- इसके पश्चात, “आवेदन पत्र” विकल्प पर क्लिक करें।
- नया पीडीएफ फॉर्म ऑनलाइन खुल जाएगा, जिसका प्रिंट आउट निकालें।
- आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी – नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पता आदि भरें एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- पश्चात, नजदीकी लघु सिंचाई विभाग कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करें।
- सत्यापन के पश्चात, यदि सभी जानकारी सही पाई जाती है, तो आपके आवेदन को स्वीकृति मिल जाएगी और बोरिंग कार्य आरंभ किया जाएगा।

लघु सिंचाई विभाग लॉगइन
- लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगइन विकल्प चुनें।
- लॉगइन फॉर्म में यूजर नेम, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करें।
- लॉगइन बटन पर क्लिक करें और सफलतापूर्वक लॉगइन करें।
सारांश (Summary)
दोस्तों, हमें उम्मीद है कि यह अपडेटेड आर्टिकल आपको UP Nishulk Boring Yojana 2025 की नवीनतम जानकारी प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। यदि आपके पास कोई सुझाव या प्रश्न हों, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं और इस पेज को अपने मित्रों के साथ शेयर करें ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।

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FAQ Related To UP Nishulk Boring Yojana 2025
जैसा कि मैं आप सभी को बता दूं कि 1950 में प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों को बोरिंग की सुविधा देने के लिए उत्तर प्रदेश के सरकार के द्वारा यूपी निशुल्क बोरी योजना का आरंभ किया गया था और यूपी निशुल्क बोरिंग योजना के अंतर्गत जितने भी सामान्य जाति और अनुसूचित जनजाति के जितने भी किसान है उन सभी को अपने खेत में सिंचाई करने के लिए बोरिंग की सुविधा दी जाती थी जिससे क्यों अपने फसल की सिंचाई कर सकें और बोरिंग के लिए पंपसेट की व्यवस्था करने के किसान के द्वारा बैंक से लोन भी दिया जाता था और सामान्य श्रेणी के जितने भी लघु एवं सीमांत किसान है उन सभी को इस योजना का भरपूर लाभ दिया जाएगा जिससे कि वह अपने पास न्यूनतम जोत सीमा 0.2 हेक्टर है और 0.2 हेक्टेयर से कम जोत वाले सामान्य से निकली शान जितने भी है इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं यदि किसान के पास 0.2 हेक्टर से कमजोर है तो इस योजना का लाभ समूह बनाकर उठा सकते हैं।
Up Nishulk Boring Yojana का मुख्य उद्देश्य है कि जितने भी प्रदेश के सभी किसान है वह जो भी गरीब किसान जिनकी अपनी फसल की सिंचाई के लिए बोरिंग सुविधा नहीं है और इनके पास इतने पैसे नहीं कि बोरिंग अपने पैसे से करवा सके उन सभी के लिए मुफ्त बोरिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना है जिससे कि प्रदेश के सभी किसान की फसल सिंचाई अच्छी तरीके से हो सके और इस योजना के अंतर्गत क्षेत्र की सभी गुणवत्ता बढ़ाने में भी बहुत ज्यादा साबित होगी और इस योजना के माध्यम से सभी किसानों के जीवन स्तर में बहुत अच्छी तरीके से सुधार आएगा और इसके अलावा आपको बता दें कि यह योजना किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए भी बहुत ज्यादा अच्छी तरह से साबित होगी और सरकार इस योजना के माध्यम से सभी किसानों को निशुल्क बोरी की सुविधा दे किसान अपने खेत में सिंचाई अच्छी तरीके से कर सकेंगे और प्रदेश के सभी किसानों को पानी की कमी के कारण सिंचाई न करने की समस्या से भी राहत मिल जाएगी।
सन 1985 में प्रदेश के जितने भी लघु एवं सीमांत किसानों को बोरिंग की सुविधा दी जाएगी और इसके लिए उत्तर प्रदेश की सरकार के द्वारा यूपी निशुल्क बोरिंग योजना का शुभारंभ किया गया है ।
इस योजना के माध्यम से जितने भी सामान्य जाति एवं अनुसूचित जाति जनजाति के जितने भी लघु एवं सीमांत किसान हैं उन सभी को इस योजना के माध्यम से सामान्य जाति एवं अनुसूचित जाति वाले की सिंचाई के लिए बोरिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
बोरिंग के लिए पंपसेट की व्यवस्था करने के लिए किसान के द्वारा बैंक के द्वारा लोन भी दिया जाएगा जिससे कि सामान्य श्रेणी के सभी लघु एवं सीमांत किसानों को इस योजना का लाभ तभी दिया जाएगा जब उनके पास न्यूनतम जोत सीमा 0.2 हेक्टर हो।
0.2 हेक्टेयर से कम जोत वाले सभी सामान्य श्रेणी के जितने भी किसान होंगे उन सभी को इस योजना के अंतर्गत लाभ नहीं दिया जाएगा।
यदि किसान के पास 0.2 हेक्टेयर से कमजोर है तो इस योजना का लाभ किसान के द्वारा समूह बनाकर लाभ प्राप्त कर सकता है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लघु एवं सीमांत किसान के लिए कोई न्यूनतम जोत सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
आयु का प्रमाण पत्र
राशन कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर



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