NEP;New Education Policy In Hindi , भारत की नई शिक्षा नीति 2020

Please share this
  •  
  • 984
  •  
  • 948
  • 452
  •  
    2.4K
    Shares

NEP;New Education Policy In Hindi , भारत की नई शिक्षा नीति 2020

इस पोस्ट में क्या है ?

|| NEP , National Education Policy , New Education Policy PDF , भारत की नई शिक्षा नीति , नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है ? , भारत की नई शिक्षा नीति 2020 , new education policy 2020 ||

NEP, New Education Policy : भारत में शिक्षा जगत के इतिहास में यह सबसे बड़ा बदलाव किया गया है मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय के द्वारा नई शिक्षा नीति पेश की गई है , भारत की यह नई शिक्षा नीति इसरो प्रमुख डॉ कस्तूरीरंजन की अध्यक्षता में की गई है , आज के इस आर्टिकल में हम आपको नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से संबंधित जानकारी देने वाले हैं । इसके साथ ही हम आपको National Education Policy 2020 की विशेषताओं और इसके तहत किए गए बदलाव की भी जानकारी देंगे ।

भारत की इस नई शिक्षा नीति से एजुकेशन सिस्टम में क्या बदलाव होगा और इस बदलाव से आपके बच्चे या भारत के भविष्य पर क्या असर होगा इसके बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे , अगर आप एक गार्जियन है आपके बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं तो आपके लिए National Education Policy (NEP) के बारे में जानकारी रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है ।

New Education Policy , भारत की नई शिक्षा नीति 2020

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020

भारत में पहले की शिक्षा नीति में बहुत समय से कोई भी बदलाव नहीं किया गया था जो जानकारी आप के दादा ने प्राप्त की थी वही जानकारी आपके पिता ने और अभी आप भी वही पढ़ रहे होंगे । भारत के विकास के लिए शिक्षा नीति में परिवर्तन लाना काफी ज्यादा जरूरी था और मोदी सरकार के द्वारा वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति का शुभारंभ किया गया है । इस शिक्षा नीति के तहत बहुत सारे क्षेत्र में छूट और अत्यधिक लाभ देने की कोशिश की गई है जिससे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम होगा छात्र रट्टा मार पढ़ाई ना करके कुछ सीखने योग्य पढ़ाई करेंगे और भारत के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे ।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है ?

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत स्कूलों तथा कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नीति तैयार की जाती है और भारत सरकार के द्वारा New National Education Policy 2020 का शुभारंभ कर दिया गया है । सरकार के द्वारा New National Education Policy (NEP) में बहुत सारे अहम बदलाव किए गए हैं । नई एजुकेशन पॉलिसी में बदलाव करने का प्रमुख कारण भारत को वैश्विक नजर में महाशक्ति बनाना है ।

भारत की नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% GIR के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सर्वभौमिकरण किया जाएगा ( Medical and law study is not included) , नई शिक्षा नीति के आने से पहले 10+2 पैटर्न फॉलो किया जाता था परंतु इस नई शिक्षा नीति (NEP) के आ जाने से 5+3+3+4 के पैटर्न को फॉलो किया जाएगा , आगे हम आपको इस पैटर्न के बारे में विस्तार में बताएंगे ।

वैसे आपको एक और बात बता दे जब भाजपा सरकार का गठन 2014 में हुआ था तो उनकी घोषणा पत्र में New Education Policy लाने की बात भी बताई गई थी जो आज साकार होती दिख रही है ।

भारत की नई शिक्षा नीति, New Education Policy 2020 Highlights

आर्टिकल में बताया गयाभारत की नई शिक्षा नीति , National Education Policy 2020 , NEP 2020
लॉन्च किया गयाभारत सरकार के द्वारा
लाभार्थीभारत शिक्षा जगत के तहत शिक्षा प्राप्त करने वाले हर एक नागरिक
उद्देश्यजो शिक्षा नीति चली आ रही है उसकी जो बुराई या कमी है उसको दूर करना और नई शिक्षा नीति को देशभर में लागू करना
आधिकारिक वेबसाइटClick here
लॉन्च किया गयावर्ष 2020 में

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के उद्देश्य

National Education Policy 2020 (NEP 2020 ) का मुख्य उद्देश्य भारत में अब तक जो शिक्षा प्रदान की जा रही है उस में क्रांतिकारी बदलाव लाना साथ ही भारत के शिक्षा को वैश्विक स्तर पर खड़ा करना है । जैसे हमारे भारत का इतिहास है कि पूरी दुनिया भारत से हमेशा सीखते आ रही हैं वैसे ही भारत को ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाना भी New Education Policy 2020 , NEP 2020 का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है ।

National Education Policy के माध्यम से शिक्षा का सर्वभौमिकरण किया जाएगा साथ ही National Education Policy 2020 के तहत सरकार के माध्यम से पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में बहुत सारे संशोधन किए गए और कुछ नई सुविधा को भी जोड़ा गया है ।

भारत की नई शिक्षा नीति से शिक्षा में गुणवत्ता के साथ सुधार भी आएंगे जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो पाएगी ।

National Education Policy 2020 ,NEP की विशेषताएं

  • ➡️ भारत की नई शिक्षा नीति के आ जाने से मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा ।
  • ➡️ New Education Policy 2020 के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा जिसके तहत Medical और Law की पढ़ाई को शामिल नहीं की गई है ।
  • ➡️ भारत में पहले की शिक्षा नीति के तहत 10+2 पैटर्न को फॉलो किया जाता था परंतु अब इस नई एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 5+3+3+4 के पैटर्न को फॉलो किया जाएगा जिसके तहत 12 साल की स्कूली शिक्षा दी जाएगी साथ ही 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा को भी शामिल किया गया है ।
  • ➡️ भारत की नई शिक्षा नीति के तहत स्टूडेंट को एक बड़ी राहत छठी कक्षा में मिलेगी क्योंकि छठी कक्षा से व्यवसायिक प्रशिक्षण , इंटर्नशिप को भी आरंभ कर दिया जाएगा ।
  • ➡️ पांचवी कक्षा तक शिक्षा मात्रिभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी :- यानी पांचवी कक्षा तक छात्र अपनी भाषा में ही पढ़ाई कर सकते हैं ।
  • ➡️ पहले जैसे साइंस , आर्ट्स तथा कॉमर्स के स्ट्रीम हुआ करते थे उसके तहत छात्रों को एक निश्चित विषय की पढ़ाई करनी होती थी लेकिन अब ऐसी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है ।
    उदाहरण से समझते हैं :- यदि कोई छात्र फिजिक्स का चयन करता है तो वह चाहे तो साथ में अकाउंट या आर्ट्स के भी सब्जेक्ट की पढ़ाई नई शिक्षा नीति के तहत कर सकता है ।
  • ➡️ छात्रों को छठी कक्षा से ही कंप्यूटर और एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दी जाएगी साथ ही उन्हें कोडिंग ही सिखाई जाएगी ।
  • ➡️ सभी स्कूलों को डिजिटल किया जाएगा
  • ➡️ सभी प्रकार के कंटेंट को क्षेत्रीय भाषा में ट्रांसलेट भी किया जाएगा ।
  • ➡️ New Education Policy 2020 के तहत वर्चुअल लैब भी डेवलप किए जाएंगे ।

भारत की नई शिक्षा नीति के लाभ

  1. ➡️ भारत में इस नई शिक्षा नीति को लागू करने का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत के छात्रों को सक्षम बनाना है ।
  2. ➡️ New National Education Policy 2020 को लागू करने के लिए GDP का 6% हिस्सा केंद्र सरकार के द्वारा खर्च किया जाएगा ।
  3. ➡️ पढ़ाई में संस्कृत और भारत की जो प्राचीन भाषा है उनको अहम भूमिका दी जाएगी संस्कृत को IIT के क्षेत्र में भी आगे ले जाया जाएगा साथ ही जो छात्र चाहे संस्कृत भाषा में ही अन्य सब्जेक्ट की पढ़ाई कर सकते हैं ।
  4. ➡️ बोर्ड परीक्षा को भी बहुत आसान कर दिया जाएगा पहले जो छात्र सोचते थे कि बोर्ड परीक्षा के समय में ही केवल बोर्ड की तैयारी दो-तीन महीने में पढ़ कर कर ली जाए इस व्यवस्था को खत्म कर दी जाएगी अब छात्रों को साल भर पढ़ाई करनी होगी और बोर्ड परीक्षा दो चरणों में ली जा सकेगी ।
  5. ➡️ पढ़ाई को आसान बनाने साथ ही छात्रों को समझ में आने योग्य बनाने के लिए पढ़ाई क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल किया जाएगा दूसरे देश की तर्ज पर अब भारत में भी Artifical Intelligence का प्रयोग कर पढ़ाया जाएगा ।
  6. ➡️ हायर एजुकेशन लेवल पर एमफिल डिग्री को खत्म किया जा रहा है ।
  7. ➡️ नई शिक्षा नीति के तहत एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मेन सिलेबस में रखा गया है ।
  8. ➡️ New Education Policy 2020 के तहत छात्रों को 3 भाषा सिखाई जाएंगे जो राज्य को अपने स्तर पर निर्धारित करना होगा ।
  9. ➡️ नई शिक्षा नीति 2020 के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार की जाएगी ।
  10. ➡️ भारत में नई शिक्षा नीति को निचले स्तर पर कार्य में लाने के लिए बहुत सारे संस्थान स्थापित किए जाएंगे जिससे New Education Policy (NEP) को सुचारू रूप से चलने में मदद मिल सकेगी ।
  11. ➡️ इस नई शिक्षा नीति के आ जाने से बच्चों को कौशलपूर्ण बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा , साथ ही उन्हें पढ़ाई भी विशेष रूप से कराई जाएगी ।
  12. ➡️ भारत की नई शिक्षा नीति के आ जाने से स्टूडेंट के ऊपर से पढ़ाई का बोझ कम होगा और उन्हें सीखने के क्षेत्र में काफी उन्नति प्रदान होगी । यानी अब विद्यार्थी रट्टा मार की जगह कौशलपूर्ण और योग्य बनेंगे ।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी काम कैसे करेगी ?

भारत की नई शिक्षा नीति विशेष रूप से चार चरणों में काम करेगी , 5+3+3+4 के पैटर्न को प्रयोग में लेकर स्टूडेंट की शिक्षा को आगे बढ़ाया जाएगा । इस नए पैटर्न के तहत 12 साल की स्कूली शिक्षा तथा 3 साल प्री स्कूली शिक्षा शामिल है । New Education Policy 2020 को सरकारी तथा प्राइवेट स्कूल दोनों संस्थाओं के द्वारा फॉलो किया जाएगा ।

New Education Policy के 4 चरण जो निम्नलिखित है :-

  1. 1 फाउंडेशन स्टेज :- फाउंडेशन स्टेज में 3 से 8 साल के बच्चे शामिल किए गए हैं , इस स्टेज में 3 साल की अपनी स्कूली शिक्षा तथा 2 साल प्री स्कूली शिक्षा जिसमें कक्षा 1 तथा दो शामिल है । फाउंडेशन स्टेज में छात्रों को भाषा कौशल और शिक्षण के विकास के बारे में सिखाया जाएगा और इस पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ।
  2. 2. प्रीप्रेटरी स्टेज :- प्रीप्रेटरी स्टेज के तहत 8 से लेकर 11 साल के बच्चे को शामिल किया गया है , प्रीप्रेटरी स्टेज के तहत कक्षा 3 से कक्षा पांच के बच्चे शामिल होंगे और इस स्टेज में बच्चों की भाषा और संख्यात्मक कौशल के विकास करण शिक्षकों का उद्देश्य रहेगा । प्रीप्रेटरी स्टेज तक बच्चों को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाएगा ।
  3. 3. मिडिल स्टेज :- मिडिल स्टेज के अंतर्गत कक्षा 6 से कक्षा 8 के बच्चे शामिल होंगे , मिडिल स्टेज के तहत कक्षा 6 के बच्चों को कोडिंग सिखाया जाएगा साथ ही उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप भी प्रदान की जाएगी ।
  4. 4. सेकेंडरी स्टेज :- सेकेंडरी स्टेज के तहत कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के बच्चों को शामिल किया गया है , सेकेंडरी स्टेज के तहत जैसे बच्चे पहले साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट्स लेते थे इस सुविधा को खत्म कर दी गई है , सेकेंडरी स्टेज के तहत बच्चे अपने पसंद की सब्जेक्ट ले सकेंगे और आगे की पढ़ाई कर सकेंगे ।
    उदाहरण से समझे : यदि बच्चा साइंस के साथ कॉमर्स या फिर कॉमर्स के साथ आर्ट्स की पढ़ाई करना चाहता है तो इसकी भी अनुमति होगी ।

National Education Policy Pdf Download

अगर आप National Education Policy, NEP के तहत सरकार के द्वारा जारी किए गए PDF को डाउनलोड करना चाहते हैं ,तो यहां हम आपको National Education Policy pdf download करने का लिंक दे रहे हैं जिस पर आप National Education Policy के संपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं । Click Here To Download National Education Policy PDF

FAQ New National Education Policy 2020

Q 1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बताए गए सुविधा और बदलाव कैसे लागू किए जाएंगे ?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में अभी शिक्षा सुधारों के सुझाव को ही मंजूरी दी गई हैं इसे लागू नहीं किया गया है । इस सुधारों का क्रियान्वयन होना अभी बाकी है और यह जरूरी नहीं है कि इस नई शिक्षा नीति में सभी सुझावों को मंजूरी मिल जाए क्योंकि शिक्षा एक समवर्ती विषय है जिस पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों का हक है केंद्र और राज्य सरकार दोनों की अनुमति से ही शिक्षा नीति के सभी सुझावों को लागू किया जा सकता है ।

नई शिक्षा नीति के सभी सुझावों और बदलावों को लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आपस में सहयोग होना अनिवार्य है ।

Q 2. नई शिक्षा नीति कब से लागू होगी ?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अभी इतनी जल्दी लागू होने वाली नहीं है सरकार ने खुद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुझावों को पूरी तरह से लागू करने के लिए 2040 तक का टारगेट रखा है । हालांकि नई शिक्षा नीति के तहत कुछ महत्वपूर्ण सुझाव आने वाले दो-तीन सालों में लागू हो सकते हैं । वैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के फाइनल ड्राफ्ट में कहा गया है कि 2040 तक भारत के लिए एक ऐसी शिक्षा प्रणाली का लक्ष्य होना चाहिए जहां किसी भी सामाजिक और आर्थिक समवर्ती भूमि से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों को समान रूप से सर्वोच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध हो । शिक्षा नीति को लागू करने के लिए फंड अहम है और सरकार से मिली जानकारी से भारत के जीडीपी का 6% नई शिक्षा नीति को लागू करने पर खर्च किया जाएगा । एक और बात 1968 में बनी पहली शिक्षा नीति फंड के अभाव के कारण पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई थी ।

Q 3. नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड की परीक्षा होगी या नहीं ?

हालांकि इस नई शिक्षा नीति के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा तो होगी लेकिन इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं बोर्ड की परीक्षाओं की महत्व को कम किया जाएगा । साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी लेकिन इस नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव कम होगा । विद्यार्थियों को रटने की प्रवृत्ति को कम करने के लिए विषय में कांसेप्ट और ज्ञान के महत्व को बढ़ावा दिया जाएगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए पढ़ाई को आसान और समझने योग्य बनाया जाएगा ।

Q 4. जो बच्चे अभी नर्सरी में है उनका क्या करना है ?

समझिए , अभी सिर्फ नई शिक्षा नीति के ऊपर विचार और विमर्श चल रहा है नई शिक्षा नीति को अभी लागू नहीं की गई है । अतः अभिभावकों को को 5+3+3+4 फार्मूला समझने की फिलहाल जरूरत नहीं है , यह फार्मूला का प्रयोग नई शिक्षा नीति का प्रयोग क्रियान्वयन के बाद ही हो पाएगा , तो अभी जैसा चल रहा है वैसा चलने दे । लेकिन जब नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी तब Play School के शुरुआती साल भी अब स्कूली शिक्षा से जुड़ेंगे जो की नई शिक्षा नीति का एक अहम बदलाव है ।

Q 5. जो अगले साल कॉलेज जाएंगे उनका क्या होगा ?

न्यू एजुकेशन पॉलिसी ( NEP ) के तहत उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव किए गए हैं लेकिन यह बदलाव भारत में कब से लागू होगा इसके ऊपर केंद्र सरकार या राज्य सरकार के द्वारा कोई भी जानकारी नहीं दी गई है । 12वीं के बाद अभी जो विद्यार्थी कॉलेज जाएंगे ऐसे में संभव है विद्यार्थी पुराने सिलेबस यानी स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के हिसाब से ही दाखिला ले पाएंगे ।

वैसे तो नई शिक्षा नीति ( NEP ) के हिसाब से अब ग्रेजुएशन में छात्र 4 साल का कोर्स पढ़ेंगे जिसमें बीच में कोर्स छोड़ने की गुंजाइश भी दी गई है छात्र अगर कोर्स बीच में छोड़ देते हैं तो उन्हें ड्रॉपआउट घोषित नहीं किया जाएगा बल्कि उन्हें एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिससे यह प्रमाणित होगा कि छात्र ने पहले वर्ष तक पढ़ाई की है अगर भविष्य में छात्र जब चाहे अगले वर्ष की पढ़ाई कर सकता है ।


नोट :- आज के इस आर्टिकल में हमने आपको भारत की नई शिक्षा नीति New Education Policy 2020,NEP से संबंधित लगभग जानकारी दी है । अगर आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आई है तो इसे औरों तक साझा जरूर करें ।

ध्यान दें :- ऐसे ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा शुरू की गई नई या पुरानी सरकारी योजनाओं की जानकारी हम अपनी वेबसाइट sarkariyojnaa.com के माध्यम से रोजाना देते हैं तो आप हमारे वेबसाइट को फॉलो जरूर करें ।

अगर आप कुछ पूछना यह जानना चाहते हैं तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं ,,

अगर आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आई है तो इसे लाइक और शेयर करना बिल्कुल भी ना भूले…

इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद…

Posted by Amar Gupta

FAQ New National Education Policy 2020

✔️ राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बताए गए सुविधा और बदलाव कैसे लागू किए जाएंगे ?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में अभी शिक्षा सुधारों के सुझाव को ही मंजूरी दी गई हैं इसे लागू नहीं किया गया है । इस सुधारों का क्रियान्वयन होना अभी बाकी है और यह जरूरी नहीं है कि इस नई शिक्षा नीति में सभी सुझावों को मंजूरी मिल जाए क्योंकि शिक्षा एक समवर्ती विषय है जिस पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों का हक है केंद्र और राज्य सरकार दोनों की अनुमति से ही शिक्षा नीति के सभी सुझावों को लागू किया जा सकता है ।
नई शिक्षा नीति के सभी सुझावों और बदलावों को लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आपस में सहयोग होना अनिवार्य है ।

✔️ नई शिक्षा नीति कब से लागू होगी ?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अभी इतनी जल्दी लागू होने वाली नहीं है सरकार ने खुद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुझावों को पूरी तरह से लागू करने के लिए 2040 तक का टारगेट रखा है । हालांकि नई शिक्षा नीति के तहत कुछ महत्वपूर्ण सुझाव आने वाले दो-तीन सालों में लागू हो सकते हैं । वैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के फाइनल ड्राफ्ट में कहा गया है कि 2040 तक भारत के लिए एक ऐसी शिक्षा प्रणाली का लक्ष्य होना चाहिए जहां किसी भी सामाजिक और आर्थिक समवर्ती भूमि से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों को समान रूप से सर्वोच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध हो । शिक्षा नीति को लागू करने के लिए फंड अहम है और सरकार से मिली जानकारी से भारत के जीडीपी का 6% नई शिक्षा नीति को लागू करने पर खर्च किया जाएगा । एक और बात 1968 में बनी पहली शिक्षा नीति फंड के अभाव के कारण पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई थी ।

✔️ नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड की परीक्षा होगी या नहीं ?

हालांकि इस नई शिक्षा नीति के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा तो होगी लेकिन इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं बोर्ड की परीक्षाओं की महत्व को कम किया जाएगा । साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी लेकिन इस नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव कम होगा । विद्यार्थियों को रटने की प्रवृत्ति को कम करने के लिए विषय में कांसेप्ट और ज्ञान के महत्व को बढ़ावा दिया जाएगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए पढ़ाई को आसान और समझने योग्य बनाया जाएगा ।

✔️ जो बच्चे अभी नर्सरी में है उनका क्या करना है ?

समझिए , अभी सिर्फ नई शिक्षा नीति के ऊपर विचार और विमर्श चल रहा है नई शिक्षा नीति को अभी लागू नहीं की गई है । अतः अभिभावकों को को 5+3+3+4 फार्मूला समझने की फिलहाल जरूरत नहीं है , यह फार्मूला का प्रयोग नई शिक्षा नीति का प्रयोग क्रियान्वयन के बाद ही हो पाएगा , तो अभी जैसा चल रहा है वैसा चलने दे । लेकिन जब नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी तब Play School के शुरुआती साल भी अब स्कूली शिक्षा से जुड़ेंगे जो की नई शिक्षा नीति का एक अहम बदलाव है ।

✔️ जो अगले साल कॉलेज जाएंगे उनका क्या होगा ?

न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव किए गए हैं लेकिन यह बदलाव भारत में कब से लागू होगा इसके ऊपर केंद्र सरकार या राज्य सरकार के द्वारा कोई भी जानकारी नहीं दी गई है । 12वीं के बाद अभी जो विद्यार्थी कॉलेज जाएंगे ऐसे में संभव है विद्यार्थी पुराने सिलेबस यानी स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के हिसाब से ही दाखिला ले पाएंगे ।
वैसे तो नई शिक्षा नीति के हिसाब से अब ग्रेजुएशन में छात्र 4 साल का कोर्स पढ़ेंगे जिसमें बीच में कोर्स छोड़ने की गुंजाइश भी दी गई है छात्र अगर कोर्स बीच में छोड़ देते हैं तो उन्हें ड्रॉपआउट घोषित नहीं किया जाएगा बल्कि उन्हें एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिससे यह प्रमाणित होगा कि छात्र ने पहले वर्ष तक पढ़ाई की है अगर भविष्य में छात्र जब चाहे अगले वर्ष की पढ़ाई कर सकता है ।


Please share this
  •  
  • 984
  •  
  • 948
  • 452
  •  
    2.4K
    Shares
  •  
    2.2K
    Shares
  •  
  • 451
  • 747
  •  
  • 247
  • 745
  •  
Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जरुरी सूचना

दोस्तों, हमारी वेबसाइट (sarkariyojnaa.com)सरकार द्वारा चलाई जाने वाली वेबसाइट नहीं है,ना ही किसी सरकारी मंत्रालय से इसका कुछ लेना देना है | यह ब्लॉग किसी व्यक्ति विशेष द्वारा, जो सरकारी योजनाओं में रुचि रखता है और औरों को भी बताना चाहता है, द्वारा चलाया गया है | हमारी पूरी कोशिश रहती की एकदम सटीक जानकारी अपने पाठकों तक पहुंचे जाए लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद भी गलती की सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता| इस ब्लॉग के हर आर्टिकल में योजना की आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी दी जाती है| हमारा सुझाव है कि हमारा लेख पढ़ने के साथ साथ आप आधिकारिक वेबसाइट से भी जरूर जानकारी लीजिये | अगर किसी लेख में कोई त्रुटि लगती है तो आपसे आग्रह है कि हमें जरूर बताएं |

हम अपने ब्लॉग के माध्यम से रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते ना ही कभी भी पैसे कि मांग करते हैं | हमारा उद्देश्य है केवल आप तक सही जानकारी पहुँचाना !