मिलेगी सस्ता सिलेंडर, गैस सब्सिडी जाएगी डायरेक्ट कंपनी के खाते में

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मिलेगी सस्ता सिलेंडर, गैस सब्सिडी जाएगी डायरेक्ट कंपनी के खाते में

रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत के कारण कई ग्राहकों को इसकी कीमत चुकाने में मुश्किल आ रही है, इस को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने गैस सिलेंडर की कीमत चुकाने के बाद सब्सिडी की राशि खाते में जमा करने की व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है |

 गैस सिलेंडर

इस फैसले के अनुसार अब उपभोक्ता को सब्सिडी की कीमत में ही सिलेंडर मिलेगी और सब्सिडी की राशि का भुगतान सरकार ग्राहक के खाते के बजाय सीधे पेट्रोलियम कंपनी को ही मुहैया कराएगी ।

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पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिलेंडर की बढ़ती कीमत के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है, और इसके लिए सब्सिडी देने का जल्द ही एक नया तरीका अपनाया जाएगा । इसके लिए गैस सब्सिडी का नया सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है, इस सॉफ्टवेयर के तहत को गैस सिलेंडर की सिर्फ सब्सिडी कीमत ही देनी होगी । अधिकारी ने बताया कि डीबीटी के नए तरीके से गैस बुक होते ही उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए एक विशेष प्रकार का कोड भी भेजा जाएगा और गैस सिलेंडर आने पर उपभोक्ता को वह कोड दिखाना होगा ।

गैस सिलेंडर पहुंचाने वाली कंपनी कोड को नोट कर सॉफ्टवेयर में अपडेट करेगी, इसके बाद सरकार उपभोक्ता की तरफ से सब्सिडी की राशि हांस्थानांतरित यानी ट्रांसफर कर देगी पेट्रोलियम कंपनी के खाते में ।
यानी ऐसे में उपभोक्ता को केबल गैस सिलेंडर सब्सिडी कीमत ही चुकानी पड़ेगी ।

अन्य उपाय

सरकार पहले ही उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की जगह अपनी सुविधानुसार 5 किलो गैस सिलेंडर को बुक कराने की सुविधा पहले ही दे चुकी हैं ।

इस बदलाव के क्या है फायदे ?

1. ₹942.50 पैसे (दिल्ली में) नहीं चुकाने होंगे, बल्कि ₹507.42 पैसे ही उपभोक्ता को देने होंगे ।

2. डीवीटी के इस नए नियम से गैस एजेंसी और उपभोक्ता दोनो पर भी लगाम लग जाएगी ।

3. जब जरूरत नहीं होगी उपभोक्ता सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे ।

4. सब्सिडी उपभोक्ता के खाते में तो आ जाती है तो सिलिंडर किसी और को भी बेच दिए जाते हैं ।
                   ऐसी बातों पर लगाम कसने के लिए डीबीटी का यह नियम काफी कारगर होगी और इसे धोखाधड़ी के साथ का गलत पैसा दोनों पर लगाम लग जाएगा ।

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60 फ़ीसदी लाभार्थियों ने इससे भी कम सिलेंडर की खपत पूरे साल में की ।

उज्जवला लाभार्थियों से होगी शुरुआत

                   सरकार शुरुआत उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता से करने की सोच रही है, सरकार का मानना यह है कि उज्जवला योजना के लाभार्थी के लिए एक साथ करीब ₹1000 देना आसान नहीं है, सब्सिडी की राशि बैंक खाते में आती है इस तरीके से उपभोक्ता को सिर्फ ब्सिडी कीमत देनी होगी जो उनके लिए काफी ज्यादा आसान हो जाएगा ।


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