आधार कार्ड जरूरी नहीं, आधार डाटा हैक करने वालों को अब 10 साल की सजा कैबिनेट ने दी मंजूरी ।

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बैंक खाते ,सिम कार्ड के लिए आधार जरूरी नहीं है, केंद्र सरकार ने सोमवार को आधार से जुड़े कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी है साथ ही आधार डाटा हैक करने वालों के लिए 10 साल की सजा का भी प्रावधान किया गया है ।

आधार कार्ड

सोमवार को सीतकालीन सत्र में कैबिनेट ने आधार लिंक करने की मंजूरी वाले कानून को संशोधित कर दिया है, जिसके तहत अब सिम कार्ड, बैंक खाता से आधार जोड़ना अनिवार्य नहीं ।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में टेलीग्राफ एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट( PMLA) में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है ।

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के सेक्शन 57 को खारिज कर दिया था, जिसके तहत बैंक अकाउंट ,मोबाइल नंबर के साथ आधार कार्ड नंबर को लिंक करना अनिवार्य रखा गया था । कोर्ट ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड और खाते के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है , लेकिन पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को बरकरार रखा गया है । सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगले सत्र में आधार के नियमों को लेकर संशोधन किया जाएगा ।

नोट:- मौजूदा कानून में संशोधन हो जाने के बाद भी जो कोई व्यक्ति फोन कनेक्शन लेने या बैंक अकाउंट खोलने के लिए अपनी मर्जी से आधार कार्ड का इस्तेमाल करना चाहता है, कर सकता है , इसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन नहीं होगा ।

वहीं, नए कानून में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI ) ने आधार की वेबसाइट, आधार सॉफ्टवेयर UCL, ECMP या गैरकानूनी आधार प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर जैसे हैकिंग , गैरकानूनी कार्य करने वाले लोगों के लिए सजा का भी प्रावधान किया है , इसके तहत अगर अब किसी ने आधार कार्ड वेबसाइट ,आधार से जुड़े सॉफ्टवेयर के साथ गरबरी करने की कोशिश या उसे हैक करने का प्रयास किया से 10 साल जेल में बिताने पड़ेंगे ।

यह व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर चल रहे आधार प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर जोकि 200, 500,1000 ₹ ने बेचा जा रहा है को ध्यान में रख कर किया गया है ।

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नोट:- ऐसे किसी सॉफ्टवेयर का प्रयोग ना करें जो गैरकानूनी ढंग से आधार कार्ड बना देता है या एडिट कर देता है , ऐसा करना आपको 10 साल की सजा और लाखों का जुर्माना दोनों दे सकता है।

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